२९ नियम बिश्नोई समाज के 29 नियम: तीस दिन का सूतक: प्रसूति (बच्चे के जन्म) के बाद 30 दिन तक माँ और बच्चे को रसोई या धार्मिक कार्यों से दूर रखना।पाँच दिन का रजस्वला: मासिक धर्म के दौरान 5 दिनों तक महिला को अलग रखना।सुबह स्नान: प्रतिदिन सुबह जल्दी स्नान करना।शील, संतोष, शुचि: शील (नैतिकता), संतोष (संतुष्टि) और शुद्धि (स्वच्छता) बनाए रखना।प्रातः-सांय संध्या: सुबह और शाम को ईश्वर की प्रार्थना (संध्या) करना।सांय आरती: शाम को विष्णु (अविनाशी/ब्रह्म) के गुण गाना।हवन: सुबह के समय हवन (यज्ञ) करना।छानकर जल पीना व शुद्ध वाणी: पानी छानकर पीना और हमेशा मीठा व सच बोलना।ईंधन-दूध छानना: ईंधन/लकड़ी को बिनकर (साफ करके) और दूध को छानकर उपयोग करना।क्षमा-सहनशीलता: क्षमा और धैर्य धारण करना।दया-नम्रता: प्राणी मात्र पर दया और नम्र व्यवहार करना।चोरी न करना: चोरी न करना।निंदा न करना: किसी की निंदा या आलोचना न करना।झूठ न बोलना: असत्य न बोलना।वाद-विवाद न करना: बेकार के बहस या विवाद से बचना।अमावस्या व्रत: अमावस्या को उपवास रखना।विष्णु भजन: भगवान विष्णु के भजन/गुण गाना।जीव दया: सभी जीवों पर दया भाव रखना (पशु-पक्षियों की रक्षा)।हरे वृक्ष न काटना: हरे-भरे पेड़ों को न काटना (पर्यावरण संरक्षण)।अजर को जरना: अजर को जरना (कामादि शत्रुओं का दमन करना)।स्वयं रसोई पकाना: अपने हाथ से भोजन तैयार करना।थाट अमर रखना: थाट (बकरी/पशुओं) को अमर रखना (जीवों की रक्षा करना)।बैल को बंधिया न करना: बैल (गाय के बछड़े) को बधिया न करना।अमल न खाना: अफीम (अमल) का सेवन न करना।तम्बाकू न खाना/पीना: तंबाकू या नशीले पदार्थों का सेवन न करना।भांग न पीना: भांग का सेवन न करना।मद्यपान न करना: शराब या मादक द्रव्यों का सेवन न करना।मांस न खाना: मांसाहार न करना (पूर्ण शाकाहार)।नीले वस्त्र न धारण करना: नील (रंग) का उपयोग या नीले कपड़े नहीं पहनना।